Who is a Founder of Company? कंपनी के संस्थापक कौन होता हैं?

Who is a Founder of Company? कंपनी के संस्थापक कौन होता हैं?

Who is a Founder of Company? कंपनी के संस्थापक कौन होता हैं?

 कंपनी के संस्थापक कौन होता हैं? :- एक बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए एक फाउंडर का रोल बहुत ख़ास होता है। जो अपने डिटर्मिनेशन और प्लानिंग के दम पर, अपने यूनिक idea को रियलिटी बनाता है, और अपना बिजनेस या कंपनी स्टार्ट करता है। और आज की इस पोस्मेंट हम बात करेंगे कंपनी फाउंडर कोन होता हैं? इसीलिए इस पोस्ट  को पूरा जरुर पढ़े.

कंपनी के संस्थापक कौन होता हैं?

 

एक बिजनेस को स्टेट करने के लिए एक फाउंडर का रोल बहुत ही खास होता है वही तो ऐसा प्रोफेशनल होता है जो अपनी डिटरमिनेशन और प्लानिंग के दम पर अपनी यूनिक आइडिया को रियलिटी बनाता है और अपना बिजनेस या कंपनी शुरू करता है जीरो से शुरू करके अपने आइडिया से एक बिजनेस बनाने में फाउंडर अपनी स्किल्स और नॉलेज का यूज करता है बिजनेस से जुड़े रिस्क को भी अज्यू करता है और शुरू में अक्सर अपना पैसा लगाकर कंपनी शुरू करता है 

यह फाउंडर अपनी कंपनी के डायरेक्शन विजन मिशन इनिशियल मैनेजमेंट स्ट्रक्चर और टीम कंपोजिशन सभी के लिए रिस्पांसिबल होता है एक फाउंडर एंटरप्रेन्योर भी कहलाता है क्योंकि वह एक नए आइडिया और विजन के साथ मार्केट में आता है और प्रॉब्लम के सोलूशंस प्रोवाइड कराता है 

कंपनी की बिगिनिंग स्टेजेस में फाउंडर सबसे ज्यादा इवॉल्व रहता है उसे अपने बिजनेस वेंचर को एस्टेब्लिश और एग्जीक्यूट करने के लिए रिसोर्सेस तलाशने होते हैं इन्वेस्टर्स और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से लोन सिक्योर करने होते हैं 

अपने बिजनेस की इनिशियल मार्केटिंग और ऑपरेशन सेटअप भी उसे ही कंप्लीट करना होता है और वर्कस्पेस को तैयार करना भी उसी की रिस्पांसिबिलिटी होती है एक फाउंडर ही अपनी कंपनी के लिए ऐसे स्किल्ड और एक्सपीरियंस्ड एंप्लॉयज को हायर करता है जो स्पेसिफिक टास्क कंप्लीट कर सकते हो फाउंडर्स अपनी कंपनी के इनिशियल विजन को सेट करते हैं और अक्सर उसकी डे टू डे ऑपरेशंस में इवॉल्व भी रहते हैं कुछ बिजनेसेस ऐसे होते हैं जिनके एक से ज्यादा फाउंडर्स होते हैं तो ऐसे में यह प्रोफेशनल्स को फाउंडर्स कहलाते हैं जो मिलकर के अपना बिजनेस एस्टेब्लिश करते हैं 

लेकिन क्या एक कंपनी में फाउंडर और कोफाउंडर दोनों भी हो सकते हैं 

तो हां ऐसा होना भी पॉसिबल है कि एक कंपनी में फाउंडर भी हो और कोफाउंडर भी हो मान लीजिए कि अगर आपने अपने बिजनेस या स्टार्टअप को अकेले ही क्रिएट किया है तो आप फाउंडर कहलाएंगे और अगर बिजनेस सेटअप तैयार करने के कई महीनों के बाद आप किसी ऐसे इंसान को पार्टनर के रूप में हायर करते हैं जो बिजनेस के लिए जरूरी स्किल्स रखता हो तो वह पार्टनर बिजनेस का कोफाउंडर कहलाएगा और आप कहलाएंगे उस कंपनी या स्टार्टअप के फाउंडर 

लेकिन अगर आप अपने दो दोस्तों के साथ एक स्टार्ट स्टप शुरू करने का सोचते हैं और उस प्रोडक्ट पर आप तीनों मिलकर के काम करते हैं तो इस स्टार्टअप के एक नहीं बल्कि तीन को फाउंडर्स होंगे और किसी भी एक पार्टनर को फाउंडर कहना सही नहीं होगा क्योंकि बिजनेस को शुरू करने में तीनों का ही साथ था तो इस तरह आपने जाना कि फाउंडर वह है

जिसने बिजनेस को स्टेट  किया और अगर कई लोगों ने मिलकर बिजनेस शुरू किया है तो वह सभी को फाउंडर्स हैं जबकि बिजनेस सेट करने के काफी समय के बाद किसी पार्टनर को बिजनेस से जोड़ा गया है तो वह कोफाउंडर कहलाता है और बिजनेस शुरू करने वाला फाउंडर अब फाउंडर और कोफाउंडर का कंफ्यूजन तो दूर हो गया 

लेकिन फाउंडर और सीईओ के बीच डिफरेंस कैसे किया जाएगा 

यह जानना भी तो जरूरी है तो आइए जानते हैं फाउंडर्स और सीईओ एक बिजनेस में टॉप लीडरशिप पोजीशंस पर रहते हैं फाउंडर सीईओ का रोल भी प्ले कर सकते हैं लेकिन अपने बिजनेस को इस्टैब्लिशमेंट हो सकते हैं फाउंडर बिजनेस को शुरू करने वाला पर्सन होता है जबकि सीईओ कंपनी रिसोर्सेस को मैनेज करने वाला और फाउंडर के विजन को कंटिन्यू करने वाला रिक्रूटेड पर्सन होता है सीईओ फाउंडर के साथ काम करता है और उसे रिपोर्ट करता है वहीं फाउंडर सारे फाइनल डिसीजंस लेता है एक सीईओ बोर्ड मेंबर्स के साथ क्लोजल काम करता है वहीं फाउंडर केवल स्पेसिफिक जरूरतों के समय या बिजनेस के इनिशियल डेवलपमेंट के समय ही बोर्ड के साथ कम्युनिकेट करता है 

इसका मतलब फाउंडर और सीईओ की पोजीशंस तो बिजनेस में टॉप लेवल पोजीशंस होती हैं लेकिन दोनों में सुपीरियर फाउंडर ही होता है जो कि कंपनी का सीईओ भी हो सकता है लेकिन एक फाउंडर यह कैसे डिसाइड करता है कि उसे सीईओ की पोजीशन लेनी चाहिए या नहीं तो कंपनी का सीईओ यानी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने से पहले एक फाउंडर बहुत से इंपॉर्टेंट फैक्टर्स को कंसीडर करता है जिसमें फाउंडर अपनी उन स्ट्रेंथ और एबिलिटीज पर गौर करता है जो उसे एक सीईओ के रोल के लिए सूटेबल बना सकती हैं 

अगर उसमें एक सीईओ के लिए जरूरी स्ट्रांग लीडरशिप और ऑर्गेनाइजेशनल स्किल्स हो तो व सीईओ की पोजीशन लेने की सोच सकता है 

जबकि ऐसा नहीं होने पर वह एक सीईओ हायर करने का इरादा भी बना सकता है और फिर एक फाउंडर के लिए डेली बेसिस पर एक सीईओ और फाउंडर दोनों के रोल प्ले करना टफ टास्क भी बन सकता है जो उसकी न्यू कंपनी की परफॉर्मेंस को अफेक्ट कर सकता है 

हालांकि बिजनेस या स्टार्टअप के अर्ली डेज में एक ही पर्सन फाउंडर और सीईओ दोनों का ही रोल प्ले कर सकता है और जैसे-जैसे कंपनी ग्रो करती जाए और रिस्पांसिबिलिटीज बढ़ने लगे फाउंडर इन जिम्मेदारियों के लिए सीईओ को हायर कर सकता है 

इस तरह एक फाउंडर सीईओ भी हो सकता है और सीईओ को हायर भी कर सकता है और इसी तरह एक फाउंडर कंपनी का ओनर भी हो सकता है इतनी मेजर रिस्पांसिबिलिटीज और पोजीशंस हैंडल करने के लिए फाउंडर का हाईली स्किल्ड होना जरूरी है इसलिए अब जान लेते हैं कि एक फाउंडर में कौन सी की स्किल्स होनी जरूरी है 

नंबर एक एक फाउंडर को टीम बनाना और टीम मैनेजमेंट करना आना चाहिए

क्योंकि एक फाउंडर अकेला बिजनेस को रन नहीं कर सकता उसे टीम की जरूरत होगी उसे पता होना चाहिए कि कौन सी जॉब पोजीशन के लिए किस पर्सन को हायर करना बेस्ट रहेगा क्योंकि ये टीम मेंबर्स या एंप्लॉयज ही बिजनेस को आगे बढ़ाने और प्रॉफिट बनाने में मेजर रोल प्ले करेंगे 

इसलिए स्टेकहोल्डर्स और इन्वेस्टर्स से लेकर के सप्लायर्स और एक एंप्लॉयज तक हर एक का सही सिलेक्शन करना और उनसे बनी टीम को सही तरीके से मैनेज करने की स्किल एक फाउंडर में होनी जरूरी है 

नंबर दो एक फाउंडर की फ्यूचरिस्टिक अप्रोच होनी चाहिए 

उसे फ्यूचर में अचीव किए जाने वाले गोल्स को ध्यान में रखते हुए आज प्लान तैयार करने चाहिए तभी तो वह बिजनेस को सेट टाइम पीरियड में ग्रोथ दिला पाएगा 

नंबर तीन एक फाउंडर में गुड लीडरशिप स्किल्स होना जरूरी है

 क्योंकि वही अपने बिजनेस की सक्सेस के लिए टीम को गाइडेंस और इंस्ट्रक्शंस देता है उसकी स्ट्रांग लीडरशिप स्किल से एंप्लॉयज को ज्यादा प्रोडक्टिव होने के लिए और कंपनी के लिए डेडिकेटेड होकर के वर्क करने के लिए इनकरेज करेगी और इसी से कंपनी की ग्रोथ होगी 

नंबर चार एक फाउंडर में फंड रेजिंग स्किल्स होनी चाहिए 

क्योंकि भले ही ही बिजनेस की शुरुआत में वह अपने फंड से सेटअप तैयार कर ले और बिजनेस को रन करने लगे लेकिन एक टाइम के बाद उसे बिजनेस की ग्रोथ के लिए इन्वेस्टर्स की जरूरत पड़ ही जाएगी तो ऐसे में उसकी स्ट्रांग फंड रेजिंग स्किल्स ही इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट कर पाएगी 

नंबर पांच एक फाउंडर में नेटवर्किंग एंड मार्केटिंग स्किल्स होना भी जरूरी है 

क्योंकि यह दोनों ही स्किल्स एक बिजनेस की सक्सेस के लिए जरूरी हैं स्ट्रांग नेटवर्किंग स्किल्स जहां बिजनेस को अच्छे इन्वेस्टर्स और पार्टनर्स दिला सकती है वहीं मार्केटिंग स्किल्स बिजनेस को मार्केट में इस्टैब्लिशमेंट के बावजूद उसे सक्सेसफुल बना सकती है इनकी स्किल्स को बिजनेस में एग्जीक्यूट करने के लिए फाउंडर की पर्सनालिटी में कॉन्फिडेंस क्लियर कम्युनिकेशन और ऑर्गेनाइजेशन स्किल्स का होना भी जरूरी होगा 

उसकी क्रिएटिव थिंकिंग और बिजनेस नॉलेज उसे अपने गोल्स को अचीव करने में हेल्प करेगी और हाईली कंपटिंग बिजनेस की दुनिया में मजबूती से टिके रहने और ग्रो करने में मदद करेगी तो क्या आप रखते हैं यह सारी स्किल्स और क्वालिटीज 

अगर हां तो आप भी फाउंडर बन सकते हैं बस इसके लिए आपको यह ध्यान रखने की जरूरत होगी कि जल्दबाजी में कोई भी डिसीजन ना ले अगर आपके पास कोई यूनिक और सॉल्यूशन ओरिएंटेड आईडिया है तो उसे तुरंत एक बिजनेस में कन्वर्ट करने से पहले थोड़ा रुकिए अपने फील्ड के मार्केट की अच्छी तरह स्टडी करें प्रॉपर रिसर्च के बाद ही इस आइडिया को एग्जीक्यूट करने के बारे में सोचे और अगर आप अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को सक्सेसफुल बनाने के चांसेस हाई करना चाहते हैं 

तो पहले स्टार्टअप को करीब से समझने पर जोर दें बजाय स्टार्टअप शुरू करने के इसके लिए आप अपने फील्ड के किसी सक्सेसफुल स्टार्टअप में काम कर सकते हैं या इंटर्न बन कर के वर्क पैटर्न को समझ सकते हैं यह एक्सपीरियंस आपके स्टार्टअप के लिए बहुत ही आपकी हेल्प करेगा 

आप अपने फील्ड के एक या दो मेंटोरस से गाइडेंस भी ले सकते हैं ताकि उनके एक्सपीरियंस का बेनिफिट आपको अपने बिजनेस में मिल सके इसके अलावा आप एंटरप्रेन्योरशिप क्लासेस और स्टार्टअप इवेंट्स को भी अटेंड कर सकते हैं 

ताकि इस इंडस्ट्री को समझना आपके लिए आसान हो जाए और आप स्ट्रांग नेटवर्क भी बिल्ड कर पाएं इसके साथ साथ-साथ फंड रेजिंग के ऑप्शंस भी तैयार रखिए क्योंकि बिजनेस है तो फंड तो आपको चाहिए ही और इस तरह पूरी तैयारी करने के बाद जब आप स्टार्टअप वर्ल्ड में एंट्री लेंगे तो इसमें अपनी शुरुआत करना और अपने स्टार्टअप को सक्सेसफुल बनाना आपके लिए पहले से ज्यादा आसान होगा क्योंकि इस फील्ड की हर बेसिक और इंपॉर्टेंट जरूरत को आप समझ रहे होंगे और ऐसा करके आप भी फाउंडर बन पाएंगे इनफैक्ट एक सक्सेसफुल फाउंडर बन पाएंगे तो फिर हो जाइए तैयार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर और सक्सेसफुल फाउंडर बन जाइए और फाउंडर बनने पर बेस्ड यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा 

 तो प्लीज इसे शेयर करना बिल्कुल नाना भूले कोई आपका सवाल है तो उसे लिख भेजिए और बाकी अगर अभी तक  बेल आइकन प्रेस कर दीजिए ताकि ऐसी जानकारियां जो आपको बेनिफिट देती है ग्रोथ दिलाती है उन्हें आप कभी भी मिस ना करें तो संदीप आपसे मिलेगी जल्दी ही नए पोस्ट में नई जानकारियों के साथ तब तक के लिए आपसे कहूंगी जुड़े रहिए क्विक सपोर्ट के साथ धन्यवाद

 

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