देश के निम्न और मध्यम आय वर्ग की छोटी-छोटी बचत का दुरुपयोग कर बड़ा हुआ सहारा समूह डूब गया है। सहारा के साथ इसमें पैसा लगाने वाले लोगों के हजारों करोड़ भी डूब गए। हालांकि डूबते को तिनके का सहारा भी मिल ही जाता है, ऐसे में भारत सरकार ने सहारा के निवेशकों को 5000 करोड़ रुपये लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.इसके लिए सरकार ने एक पोर्टल शुरू किया है जिसके जरिए 10,000 रुपये तक का क्लेम किया जा सकता है.