पीएम मोदी की एक चाल ने मालदीव को तबाह कर दिया

पीएम मोदी की एक चाल ने मालदीव को तबाह कर दिया | Maldives vs Lakshadweep

पीएम मोदी की एक चाल ने मालदीव को तबाह कर दिया | मालदीव बनाम लक्षद्वीप

Maldives vs Lakshadweep : इस पोस्ट में, अभि और नियु यह पता लगाते हैं कि कैसे पीएम मोदी ने लक्षद्वीप को बढ़ावा दिया और पूरे मालदीव का दिमाग खराब हो गया। मुइज्जू सरकार के 3 लोगों ने हमारे प्रधान मंत्री के खिलाफ अपमानजनक कमेंट की और पूरे भारतीय ट्विटर ने एक ही दिन में मालदीव का बहिष्कार कर दिया। मालदीव में केवल एक दिन में हजारों रद्दीकरण देखे गए। भारत कैसे मालदीव की जगह लक्षद्वीप बनाने की योजना बना रहा है – आइए इस पोस्ट में समझें

PM Modi’s one move destroyed Maldives | Maldives vs Lakshadweep

Maldives vs Lakshadweep : बॉयकॉट मालदीव्स twitter’s के इलेक्टेड लीडर्स मिनिस्टर्स इंडिया के अगेंस्ट ऐसे ट्वीट कर रहे हैं कि खुले में टॉयलेट करना हमारा नेशनल कल्चर है और यह कल्चर हम वेस्ट में भी ले जा रहे हैं भारत मालदीव जितना सुंदर कभी हो ही नहीं सकता लेकिन क्या यह सच है यह नजारे देखिए सुंदर बीचेस देखिए क्लियर स्काइज और उससे भी क्लियर पानी देखिए फर्स्ट टाइम देखने पर लगेगा कि ये थाईलैंड है मोरिशियस है या मालदीव्स लेकिन सच तो यह है कि ये हमारा भारत है यह है 

लक्ष्यद्वीप भारत का बेस्ट केप सीक्रेट कुछ ही दिनों पहले लक्ष्यद्वीप से हमारे प्रधानमंत्री जी के फोटोज वायरल हो गए जहां उन्होंने लक्षद्वीप के क्लियर वाटर्स में स्नर्कलिंग की और तो और लक्षद्वीप की डेवलपमेंट के लिए 1056 करोड़ की इन्वेस्टमेंट भी अनाउंस हुई यह बात मालदीव्स की सरकार को चुभ रही है और वो कुछ ऐसे कमेंट्स कर रहे हैं लेट मी रिमाइंड यू ये ट्रोल्स नहीं है ये एक्चुअल मिनिस्टर्स हैं ऑफिशल्स हैं उन्हें भारत की डेवलपमेंट से प्रॉब्लम क्या है सच तो यह है कि यह पोस्ट सिर्फ एक instagram  भारत के लिए इंपॉर्टेंट है 

भारत के पास लक्ष्यद्वीप होना मालदीव्स और चाइना जैसे देशों के लिए एक डेंजर है देखते हैं कि भारत एक तीर से दो निशाने कैसे लगा रहा है यू नो इंटरनेट काफी नेगेटिव होता जा रहा है क्योंकि आपके जैसे अच्छे लोग पॉजिटिव कंटेंट देखते तो हैं लेकिन वेबसाइट  को सब्सक्राइब नहीं करते हमने हमारे लेटेस्ट नंबर्स देखे तो पता चला पोस्ट  पढ़ते  60%  लोगों ने वेबसाइट  को सब्सक्राइब नहीं किया हुआ है प्लीज अगर आपको हमारा भारत को बेहतर बनाने का यह माइंड सेट अच्छा लगता है तो वेबसाइट को सब्सक्राइब करना ना भूलिए हा हाय प्रॉमिस यू ये आपके लिए तो फ्री है लेकिन इससे हमारी बहुत हेल्प होती है 

 

चैप्टर वन मलडी व्स वर्सेस इंडिया 

मोल्डिव में हाल ही में इलेक्शंस हुए और ये है उनके नए प्रेसिडेंट मोहम्मद मुजू इन्होंने एक एंटी इंडिया स्टंस लिया है एंटी इंडिया मतलब क्या है प्रेसिडेंट बनने के बाद उन्होंने एक अनाउंसमेंट भी की आई विल इंश्योर दैट दिस कंट्री हैज नो फॉरेन मिलिट्री प्रेजेंस ऑन इट्स सोइल इन फैक्ट उन्होंने इसी वादे के दम पर इलेक्शन जीता उन्होंने अपने कैंपेन को इंडिया आउट यह नाम दिया था इनके पहले जो प्रेसिडेंट थे वो भारत के अच्छे दोस्त थे वो रियलिटी जानते थे कि मोल्डिव एशिया का बहुत छोटा देश है मोल्डिव के सबसे नजदीक भारत ही है जो जरूरत के समय उनकी मदद कर सकता है और भारत ने वैसा किया भी है 

ऑपरेशन पानी के थ्रू हमने 2014 में उन्हें मुफ्त में पानी प्रोवाइड किया था यह करने वाले हम सबसे पहले देश थे हमने उन्हें कोविड के समय वैक्सीनस भी दी थी और व भी किसी रिटर्न की अपेक्षा ना करते हो तो प्रॉब्लम क्या है आज के समय हमारे कुछ मिलिट्री पर्सनल मलडी व्स में है कितने पता है एक वाइल्ड गेस लीजिए द आंसर इज जस्ट 75 75000 नहीं 7500 भी नहीं जस्ट 75 और ये जवान यहां पर क्यों है 2009 में भारत ने मलडी व्स को कुछ हेलीकॉप्टर्स गिफ्ट किए थे और उसके बाद कुछ एयरक्राफ्ट्स भी दिए थे इस मिलिट्री इक्विपमेंट को मेंटेन करने के लिए हमारे मिलिट्री पर्सनल वहां पर हैं प्लस उनके बॉर्डर्स सुरक्षित रखने के लिए हमने उनके लिए एक रडार भी बनाया था वो रडार हमने बनाया था 

इसीलिए वो रेडर यूज़ करने की अगले 30 यर्स के लिए परमिशन हमें मिली थी एंड दैट्ची वोट्स आते हैं इसीलिए मुजू ने यही स्ट्रेटेजी अपनाई और इलेक्ट होते ही भारत को एक फॉर्मल नोटिस भी भेज दी कि भाई आपके जवानों को वापस बुला लो हमें उनकी कोई जरूरत नहीं है 

जब मोदी जी ने लक्षद्वीप के फोटोज और वीडियोस अपलोड किए तो मलडी व्स की गवर्नमेंट को मिर्ची लगी याद रखिए यहां पर मलडी व्स का मेंशन कहीं पर भी नहीं था इट्स सिंपल क्या भारत का प्राइम मिनिस्टर भारत के किसी लोकेशन पर जाकर भारत के लोगों को यहां विजिट करने के लिए नहीं कह सकता इसमें मलडी फ्स को बुरा मानने की कोई जरूरत नहीं थी लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसे ट्वीट्स करना स्टार्ट किया और फिर हमारे लोगों ने भी बॉयकॉट मलडी व्स कहना स्टार्ट किया ऑफकोर्स यह आगे जाकर कितना फॉलो होगा यह तो हमें पता नहीं लेकिन इससे आप आज का इंडियंस का सेंटीमेंट समझ सकते हैं 

मलडी इज इतना इंपॉर्टेंट क्यों चलिए मैप देखकर समझते हैं इंडियन ओशन वर्ल्ड ट्रेड में काफी इंपॉर्टेंट भूमिका निभाता है 

कई सारे इंपॉर्टेंट सी रूट्स यहां से होकर गुजरते हैं भारत नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी अपनाता है हमारी नेवी अरेबियन सी और इंडियन ओशन में पा पायरेट्स से लड़ती है कुछ ही दिनों पहले आपने यह रेस्क्यू वीडियोस तो देखे ही होंगे लेकिन भारत का यह बढ़ता हुआ प्रेजेंस चाइना के डोमिनेंस के मास्टर प्लान के लिए एक थ्रेट है क्योंकि अब चाइना इकलौता एशियन जायंट नहीं है ऑफकोर्स हम टेक्नोलॉजी वाइज आज चाइना को टक्कर नहीं दे सकते लेकिन चाइना हमें ग्रो होने से पहले ही रोकना चाहता है इलेक्ट होने के बाद यूजुअली मलडी व्स के प्रेसिडेंट पहले भारत आते हैं मानो कि ये ऐसे एक ट्रेडिशनल गया है 

लेकिन इस बार मुजू ने ट्रेडिशनल पहले तो वो टर्की गए और उसके बाद अब वोह चाइना जाने वाले हैं यानी उन्होंने भारत को एक बार नहीं दो-दो बार स्नब कि है एक्चुअली स्पीकिंग भारत से ही उन्हें सबसे ज्यादा फायदा होता है भारत उन्हें बिजनेस भी देता है और एसेंशियल रिसोर्सेस भी मलडी व्स आने वाले सबसे ज्यादा टूरिस्ट इंडियन होते हैं हर चार में से एक टूरिस्ट इंडियन होता है मलडी व्स की इकॉनमी टूरिज्म फोकस्ड है फिशरीज और टूरिज्म को मिलाकर उनकी 40%  इकॉनमी बनती है मलडी फ्स को प्रोटेक्ट करने के लिए जब उन्हें रेडा बनाने थे तब हमने उन्होंने $ मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट दी थी 

लेकिन यह सारी बातें भूलकर मलडी व्स चाइना की ओर झुक रहा है अब आप में से कई लोग कहेंगे कि हमारे कई सारे पोस्ट  में चाइना का जिक्र क्यों होता है चाइना एक ऐसा देश है जिसके बारे में जितना पढ़ा जाए उतना ही उनका सिनिस्टर मास्टर प्लान खुलता जाता है चाइना हरकतें ही कुछ ऐसी करता है लेकिन चाइना के बारे में बाद में बात करेंगे पहले जानते हैं भारत के सीक्रेट वेपन के बारे में 

चैप्टर टू भारत का सीक्रेट वेपन मलडी व्स की बात बहुत हो गई 

अब भारत तो वापस आता है लक्षद्वीप भारत के आठ यूनियन टेरिटरीज में से एक है केरला से बस 360 किमी दूर 36 आइलैंड का ये एक स्वर्ग है जिसमें से सिर्फ 10 आइलैंड्स पर लोग रहते हैं ये सारे आइलैंड्स काफी छोटे-छोटे हैं इनमें से सबसे बड़ा आइलैंड है ये एंड्रॉट आइलैंड जो सिर्फ 4.66 किमी लंबा है और 1.43 किमी चौड़ा लक्षद्वीप भारत की सबसे छोटी यूनियन टेरिटरी है 

इन आइलैंड्स का 97% हिस्सा फॉरेस्ट है और इसे इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया माना जाता है यहां का टोटल पॉपुलेशन सिर्फ 64000 है जिनमें से 90% से भी ज्यादा ट्राइबल लोग हैं 

यहां टूरिज्म की शुरुआत 1994 में हुई थी और वो भी सिर्फ एक आइलैंड में बाकी सारे आइलैंड्स ट्राइब्स के लिए और लोकल्स के लिए रिजर्व्ड थे साथ ही साथ लक्षद्वीप एक इंपॉर्टेंट नेवल बेस भी है 

चैप्टर थ्री भारत का मास्टर प्लान 

आज भारत लक्षद्वीप में 1156 करोड़ की इन्वेस्टमेंट कर रहा है बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स ला रहा है जिनमें ब्रॉडबैंड इंटरनेट पीने का पानी फेरी सर्विसेस के साथ-साथ इको टूरिज्म भी शामिल है लक्षद्वीप न्यूज़ में आज है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सिर्फ मॉडज को जवाब देने के लिए लक्षद्वीप को डेवलप किया जा रहा है इसकी प्लानिंग बहुत पहले ही शुरू हो चुकी थी 

चलिए थोड़ा रिवाइंड करते हैं 2018 की बात है 10th अगत 2018 को नीति आयोग ने इन आइलैंड्स के डेवलपमेंट के लिए एक कॉन्फ्रेंस होस्ट किया जिसका मेन ऑब्जेक्टिव यह था कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को सामने रखकर अंदमान और लक्षद्वीप के आइलैंड्स पर इको टूरिज्म डेवलप किया किया जाए नीति आयोग का प्लान ही यही था कि ट्राइबल एरियाज को छोड़कर बाकी एरियाज में डेवलपमेंट हो इसमें अंदमान निकोबार और लक्षद्वीप दोनों यूटीजी बात हो रही थी 

यहां आपको शायद काला पानी नाम की सीरीज याद आई होगी जहां पर डेवलपमेंट के नाम पर ट्राइबल एरियाज में घुसा जाता है रूल्स तोड़े जाते हैं और इसका अल्टीमेटली नुकसान हमें ही भुगतना पड़ता है सीरीज काफी बढ़िया है लेकिन हमें यह समझना इंपॉर्टेंट है कि नीति आयोग में काम करने वाले लोग एक्सपर्ट्स होते हैं सालों का स्टडी और रिसर्च करने के बाद ही चीजें अप्रूव होती हैं एसिस्टिंग कंडीशंस और आने वाले थ्रेट्स को स्टडी करके ही कदम उठाए जाते हैं इस मास्टर प्लान में अलग-अलग पैकेजेस यानी अलग-अलग स्टेजेस हैं पैकेज वन में अंडमान के आइलैंड्स एवस लॉन्ग स्मिथ एंड रॉस आइलैंड्स डेवलप होंगे 

दूसरे पैकेज में लक्ष्यद्वीप के बंगाराम चेरी एम मिनी कॉय सुहेली एंड तिनका डेवलप होंगे 

यहां 11 एंकर टूरिज्म प्रोजेक्ट स्टार्ट होंगे जिनके अराउंड पूरी इको टूरिज्म इंडस्ट्री डेवलप होगी यहां इको टूरिज्म ये शब्द काफी इंपॉर्टेंट है क्योंकि अक्सर हम देखते हैं कि डेवलपमेंट और एनवायरमेंट दोनों अलग-अलग छोर पर होते हैं दोनों में एक टग ऑफ वॉर का खेल शुरू होता है अगर हमने एनवायरमेंट को चुना तो डेवलपमेंट नहीं होगी और अगर डेवलपमेंट को चुना तो एनवायरमेंटल डैमेज होगा 

लेकिन इस बारे में एक डिटेल रिपोर्ट 2019 में ही पब्लिश हो चुकी थी आने वाले समय में सरकार का प्लान यह है कि 100 ऐसे आइलैंड्स भारत में ही डेवलप करने हैं जो टूरिज्म डेस्टिनेशंस बन सकें आगे जाकर 2021 में 370 फ्लोटिंग विलाज का टेंडर निकला जिसकी टोट वैल्यू थी 800 करोड़ लेट मी रिमाइंड यू कि मलडी व्स में आने वाले 14 टूरिस्ट्स इंडियंस हैं 23 सोचिए अगर इनमें से सारे टूरिस्ट को एक सस्ता और बेहतर अल्टरनेटिव भारत में ही मिल जाए तो मलडी व्स का दुकान बंद हो जाएगा 

चैप्टर फोर चाइना का मलडी व्स पर कंट्रोल लेट मी रिमाइंड यू 

 यह पूरा पोस्ट जो है सिर्फ टूरिज्म के बारे में नहीं है मलडी व्स एक छोटा देश होने के बावजूद भारत को चुनौती दे रहा है ये बातें किसी बड़े सपोर्ट के बिना इंपॉसिबल है 2008 में ही चाइना ने मलडी व्स का स्ट्रेटेजिक इंपॉर्टेंस जान लिया था मलडी व्स का सबसे बड़ा एडवांटेज है उसका जियोग्राफिक लोकेशन ये मैप देखिए चाइना के पास सब है लेकिन एक चीज नहीं है और वो है 

तेल चाइना सऊदी और दूसरे अरब देशों से तेल इंपोर्ट करता है यह सारा माल जो है वो इसी रूट से आता है कल जाकर अगर भारत और चाइना के रिलेशंस और खराब होते हैं और मलडी व्स का सपोर्ट भारत को होता है तो यह चाइना के ट्रेड के लिए बैड न्यूज़ होगी क्योंकि चाइना से एक्सपोर्ट होने वाला सारा माल भी मलडी के नजदीक से होकर गुजरता है 

आप चाइना की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स थ्योरी के बारे में तो जानते ही होंगे 

जहां चाइना भारत के अराउंड स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स कर रहा है वहां के इलेक्शंस में इंटरफेयर कर रहा है और उन्हें इन्फ्लुएंस भी कर रहा है भारत को ओशन के सब ओर से घेर रहा है अगर आपको इस पोस्ट के बारे में और जानकारी चाहिए तो इस पोस्टमें हमने इसे डिटेल में एक्सप्लेन किया चाइना इंडियन ओशन के आइलैंड नेशंस के साथ दिन बदन अपने रिलेशन सुधार रहा है और मोल्डी जैसे छोटे देशों को चाइना की जरूरत है 2011 से पहले मोल्डी लीस्ट डेवलप लपमेंट कंट्री यानी एलडीसी के लिस्ट में आया करता था 

लेकिन अब वो उससे बाहर है यानी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशंस ने यह समझ लिया है कि अब मलडी धीरे-धीरे डेवलप हो रहा है तो उन्हें हमारे एड की उतनी ज्यादा जरूरत नहीं है इंटरनेशनल एड यानी आने वाला पैसा कम हो गया तो डेवलपमेंट होगी कैसे एज अ रिजल्ट मलडी व्स को नए स्ट्रेटेजिक रिश्ते बनाने पड़े और चाइना ने इस चांस पर जमकर डांस किया यह है 

चाइना मलडी व्स फ्रेंडशिप ब्रिज यह 2018 में पब्लिक के लिए खुला इसकी टोटल कॉस्ट 200 मिलियन डॉलर्स है और यह सारा पैसा चाइना से लोन के तौर पर लिया हुआ है वैसे ही चाइना ने मलडी व्स के साथ 2017 में कई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स भी किए ओके मॉल्व एक छोटा देश है उनका टोटल जीडीपी बस 5 बिलियन डॉलर्स है और उनका सिर्फ चाइना के साथ जो डेट है वो उनके जीडीपी के 1/5 ऑलरेडी हो चुका है 

यानी मॉल डीज जल्द ही चाइना के एक डेट ट्रैप में अटकने वाला है ओके तो कंक्लूजन क्या है एक चाइना अपनी स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स थ्योरी को और मजबूत कर रहा है दो मलडी व्स को डेवलपमेंट के लिए जिन पैसों की जरूरत है चाइना वो उन्हें भर भर कर दे रहा है 

तीन मलडी व्स में एंटी इंडिया सेंटीमेंट्स को बढ़ाकर वोट्स जीते जा रहे हैं यानी मलडी व्स के लोग भी आज एंटी इंडिया सेंटीमेंट को सपोर्ट करते हैं और इसीलिए लक्ष्यद्वीप डेवलप करना भारत के लिए इंपॉर्टेंट है नॉट टू ब्लैकमेल मलडी व्स बट टू डेवलप आवर ओन मलडी व्स ताकि हमारी सिक्योरिटी मालदीव्स के पॉलिटिक्स पर निर्भर ना रहे इंडियन ओशन में एक स्ट्रांग इंडियन प्रेजेंस बना रहे लक्ष्यद्वीप की डेवलपमेंट हो और हम इंडियंस के लिए एक सुंदर मलडी अल्टरनेटिव बने ताकि हम दूसरे कहीं के नहीं यहीं के फोटो शेयर करें और गर्व से कहे यह है 

 

मेरा भारत चैप्टर फाइव कंक्लूजन 

इस पोस्ट की शुरुआत में आपने बॉयकॉट मलडी ये टर्म सुनी होगी लेकिन लेट मी क्लेरिफाई पैसा आपका है आपको जिस देश में जाना है आप वहां पर जा सकते हैं आपके पैसे को जैसे खर्च करना है आप वैसे कर सकते हैं लेकिन एक बात जरूर सोचिए कि जहां के लोग इंडिया आउट कैंपेन करने वाले प्रेसिडेंट को इलेक्ट करते हैं वहां के ही लोगों को आप भर-भर के पैसे क्यों देना चाहते हैं 

चलिए एक सवाल लेते हैं मैं भी खुद से पूछता हूं आप भी खुद से पूछिए जब हम बीच पर वेकेशन बनाने की सोचते हैं तो क्यों लक्ष्यद्वीप और अंदमान जैसे नाम हमारे दिमाग में नहीं आते क्यों हम हमेशा थाईलैंड मलडी व्स मोरिशियस के बारे में ही सोचते हैं यस पासपोर्ट पर जब अलग-अलग देशों का स्टैंप लगता है तो काफी अच्छा लगता है फोटोज पोस्ट करना फैशनेबल लगता है इनफैक्ट फैशनेबल है हम भी कोई संत महात्मा नहीं है फॉरेन ट्रिप्स किसे पसंद नहीं है लेकिन प्रॉब्लम यह है कि हमारे बगल में जो है उसकी हमें वैल्यू नहीं है जो सुंदर है और सस्ता भी स्वच्छ है और अच्छा भी उसी को हम इग्नोर कर देते हैं और फिर सोचते हैं अरे फॉरेनर्स भारत क्यों नहीं आते अगर हम ही हमारे देश की ब्यूटी को देखकर अनदेखा करेंगे तो बाहर के लोग इसे कैसे देख पाएंगे सच तो यही है कुछ लोग परदे देश जाते हैं और कुछ लोग घर को ही परदेश बनाते हैं 

पेट्रियट जम इसका मतलब क्या होता है 

मुझे पता नहीं लेकिन मेरे लिए पेट्रियट जम सिंपल है देश को खुद का घर मानो जैसे अपने घर को साफ रखते हो दिवाली में सजाते हो और बड़े इंटरेस्ट लेकर दोस्तों को बुलाते भी हो वैसे ही लोगों को देश में बुलाओ चलिए थोड़ा बदलाव लाते हैं खुद को रिमाइंड करते हैं कि दुनिया सुंदर है और हमारा देश भी जब हम इस देश की ब्यूटी दुनिया के साथ शेयर करते हैं 

तब हम भारत का ब्रांड स्ट्रांग बनाते हैं 21 सेंचुरी भारत के सेंचुरी और जैसे जिओ पॉलिटिक्स में हमारे लीडर्स का एक रोल होता है वैसे ही हमारा भी होता है हम अपने आप में थॉट लीडर्स होते हैं फर्क नहीं पड़ता कि आपकी फॉलोइंग कितनी है लेकिन जब आप भारत के सुंदर फोटो शेयर करते हैं यहां का कल्चर य कि ट्रेडीशन या फिर हमारे पोस्ट के थ्रू सलूशन शेयर करते हैं तो आप किसी ना किसी को इन्फ्लुएंस करते हैं आप डाटा के साथ प्रूव करने में कि भारत बदल रहा है हमारा साथ दे सकते हैं 

सलूशन का हिस्सा बन सकते हैं सब्सक्राइब करके हमारे सफर में जुड़ सकते हैं लाइक करके रीच बढ़ा सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं क्योंकि पॉलिटिक्स की शुरुआत लीडर से होती है लेकिन इसका ऑन ग्राउंड रिजल्ट आपके इन छोटे-छोटे एक्शन से ही दिखता है 

चलिए एक बात डिसाइड करते हैं जितने एक्साइट हम फॉरेन ट्रिप्स के लिए होते हैं उतने ही भारत के ट्रिप्स के लिए भी एक्साइट होने लगे डेवलपमेंट को प्रोत्साहन दें और देश की इमेज सुधारें और यही इंपॉर्टेंट बात आप तक पहुंचाने से मुझे फर्क पड़ता है

 

 

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